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कर्मकार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष शमशेर सत्याल को हटाया गया।

उत्तराखण्ड

कर्मकार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष शमशेर सत्याल को हटाया गया।

उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड मे लंबे समय से श्रम मंत्री हरक सिंह रावत व अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल के बीच तनातनी चल रही थी। विवाद अध्यक्ष व सचिव मधु नेगी चौहान के बीच भी चल रहा था। इस घमासान का असर बोर्ड के कामकाज पर पड़ रहा था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कई बार कह चुके थे कि कर्मकार बोर्ड के विवादों का जल्द पटाक्षेप कर दिया जाएगा। इसी को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। बोर्ड का नये सिरे से पुनर्गठन किया गया। अध्यक्ष पद से शमशेर सिंह सत्याल के साथ ही सचिव पद से मधु नेगी चौहान को भी हटा दिया गया है। अध्यक्ष का जिम्मा सचिव श्रम को दिया गया है। जबकि बोर्ड सचिव पद पर पीसीएस अफसर अभिषेक त्रिपाठी की तैनाती की गई है।

बुधवार देर शाम तेजी से घटे घटनाक्रम में शासन में बोर्ड के नये सिरे से पुनर्गठन की फाइल तैयार की गई। शाम को ही  उच्च स्तर से अनुमोदन लेते हुए बोर्ड की पुरानी व्यवस्था को बहाल कर दिया गया। पूर्व में भी अध्यक्ष पद पर सचिव श्रम ही जिम्मा संभालते आए हैं। बोर्ड सचिव के पद पर श्रमायुक्त को जिम्मा मिलता था। इस बार व्यवस्था में बदलाव करते हुए पीसीएस अफसर अभिषेक त्रिपाठी को जिम्मा दिया गया है। उप श्रमायुक्त मधु नेगी चौहान को भी हटा दिया गया है। शासन के सूत्रों ने बोर्ड के इस बदलाव की पुष्टि की।

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पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत के समय बोर्ड अध्यक्ष पद से अक्तूबर 2020 में श्रम मंत्री हरक सिंह रावत को हटा दिया गया था। उनके स्थान पर शमशेर सिंह सत्याल को अध्यक्ष बनाया गया। बोर्ड सचिव पद से दमयंती रावत को हटाते हुए श्रमायुक्त दीप्ति सिंह को तैनात किया गया था। इस बीच बोर्ड को लेकर एक के बाद एक विवाद सामने आते गए। कभी साइकिल वितरण में गड़बड़ी, तो कभी दूसरे सामान में करोड़ों की खरीद के मामले सामने आए। बोर्ड के बजट से कोटद्वार मेडिकल कालेज के लिए 20 करोड़ रुपये जारी होने का विवाद भी सामने आया। इस मामले में शासन स्तर से जांच तक बैठी। बोर्ड का 20 करोड़ वापस तक कराया गया।

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इस बीच त्रिवेंद्र रावत सरकार के जाते ही श्रम मंत्री हरक सिंह रावत व बोर्ड अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल के बीच विवाद सामने आने लगे। सरकार ने श्रमायुक्त दीप्ति सिंह को बोर्ड सचिव पद से हटाते हुए श्रम मंत्री की पसंद पर उप श्रमायुक्त मधु नेगी चौहान की बोर्ड सचिव पद पर तैनाती की। इसके बाद बोर्ड अध्यक्ष व सचिव के बीच लगातार तनातनी चलती रही। हाईकोर्ट में भी बोर्ड के कामकाज को लेकर कई पीआईएल दायर हुईं। हाल ही में एक पीआईएल में अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने खुद को भी पक्षकार बनाने की अपील की थी। लगातार विवाद के कारण सरकार की भी किरकिरी हो रही थी।

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